Dec 21, 2021

Tips of prepare examination

Hello Friends

I'm Mr Iqbal Sir

Today's Information gave you prepare examination.

यदि आप भी एक स्टुडेंट है और परीक्षा सिर पर आ गई है. तो यह लेख आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होने वाला है.


क्योंकि, इस post में हम आपको कम समय में एग्जाम की तैयारी कैसे करते है, परीक्षा में सफल कैसे होते है और परीक्षा के समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? इन सभी सवालों के जवाब दें रहे हैं.



यदि आप इस post को ध्यानपूर्वक पढ़ेंगे और बताई गई बातों पर अमल करते है. तो हम आपको पूर्ण विश्वास दिलाते है. यहाँ बताई गई स्टडी टिप्स परीक्षा में बेहतर परिणाम दिलाएंगी तथा आपको तनाव मुक्त रखेंगी. फिर आपको exam में सफलता प्राप्त करने से कोई नहीं रोक पाएगा. 


Study की सुविधा के लिए इस लेख को हमने निम्न भागों में बांट दिया है. ताकि आपको पढ़ने और इसे समझने में आसानी रहें.


Table of Content


एग्जाम से पहले पढ़ाई कैसे करें?

100% सफलता प्राप्त करने के लिए एग्जाम की तैयारी कैसे करें?

परीक्षा केंद्र यानि एग्जाम सेंटर पर जाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

आपने क्या सीखा?

परीक्षा यानि एग्जाम से पहले पढ़ाई कैसे करें?


आप सोच रहे होंगे कि परीक्षा से पहले पढ़ाई करने का कौनसा स्पेशल तरीका होता है? और यह कैसे परीक्षा में मददगार है?


क्लास एटेंड करनी पड़ती है और जो पढ़ाया जा रहा है. उसे घर पर आकर एक-दो बार रिवीजन करना है.




आप सही कह रहें है. मगर, ये सब तो हर स्टुडेंट ही करता है. फिर हर स्टुडेंट एग्जाम में सफल/उतीर्ण क्यों नहीं होता, हर स्टुडेंट के अच्छे नंबर क्यों नहीं आते, क्यों केवल कुछ स्टुडेंट ही बोर्ड एग्जाम में टॉप करते है और मेरिट में आते है?


अब आपके पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है. और होगा भी नहीं. क्योंकि हमारा दिमाग इन सवालों को कभी सोचता ही नहीं है. हम सोचेंगे नहीं तो जवाब मिलने का तो कोई चांस ही नहीं.


एक बात ध्यान रखें.


“सफलता एक दिन में नहीं मिलती है. लेकिन, एक-एक दिन मेहनत और प्रयास करने से जरूर मिलती है.”


इसलिए बोर्ड एग्जाम की तैयारी करने से पहले या फिर किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा (Competition Exams) की तैयारी करते वक्त. नीचे बताएं गए स्टडी टिप्स को ध्यान में रखकर ही तैयारी करेंगे. तो आपको कामयाबी जरूर मिलेगी.


Exam  Tips in Hindi


नियमित कक्षा लें

पर्याप्त स्टडी मटेरियल रखें

शांत और एकाग्र मन से पढ़े

मुख्य बिंदुओं को हाईलाइट करने की आदत बनाएं

हाथों-हाथ नोट्स बनाते रहें

विषय अध्यापक से संपर्क में रहे

समय-समय पर अध्यापक से चर्चा करते रहें

नियमित अंतराल में टेस्ट देते रहें

दूसरों को सिखाएं


नियमित कक्षा लें – Attend Regular Classes


एग्जाम में बैठने के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य है. यह हर स्कूल बोर्ड का नियम है. यदि आपकी अटेंडेंस 75% से कम होगी तो आपको परीक्षा में बैठने से मना किया जा सकता है.


यह तो एक बात हुई. लेकिन, नियमित और समय पर क्लास अटेंड करने से हमारी पढ़ाई पटरी पर रहती है.



 

क्लास में क्या पढ़ाया जा रहा है, क्या गतिविधि हो रही है, प्रोजेक्ट वर्क कैसे करना है? इन सभी कार्यों की चिंता समाप्त हो जाती है. और आप अप-टू-डेट रहते है.


अक्सर स्टुडेंट्स सोचते है कि क्लास में टीचर का बोरिंग लेक्चरर सुनना पड़ेगा. इससे अच्छा तो क्यों ना हम घर रहकर ही चैप्टर पढ़े लेंगे और याद कर लेंगे.


लेकिन, उन्हे ये नही पता कि टीचर का लेक्चरर ही तो है जिसे स्कूल/कॉलेज में सुनने के लिए और वातावरण में ढलने के लिए स्टुडेंट्स को बुलाया जाता है. नहीं तो पाठयक्रम (Syllabus) तो घर बैठकर भी पढ़ा जा सकता है.


इसलिए, आपातकाल को छोड़कर एक दिन भी क्लास मिस ना करें. और क्लास बंक करने की हरकत तो भूलकर भी ना करें.



 पर्याप्त स्टडी मटेरियल रखें – Have Enough Study Materials


Enough Study Material

आपके पास पाठयक्रम के अनुसार पर्याप्त मात्रा में अध्ययन सामग्री होनी चाहिए. इस मामले में लापरवाही बिल्कुल ना बरते. वैसे भी स्टुडेंट्स की आदत होती है कि वे सिर्फ सिलेबस में शामिल बुक्स को ही पढ़ते है. इसके अतिरिक्त वे अन्य बुक्स को समय की बर्बादी समझते है.


इसलिए, सभी बुक्स सत्र शुरु होने से पहले ही खरिद लें. साथ में ब्लैंक पेपर तथा रफ कार्य हेतु रफ कॉपी जरूर अतिरिक्त मात्रा में लें. क्योंकि गणित तथा विज्ञान जैसी विषयों का अध्ययन आप प्रैक्टिकल करके ही करेंगे तो बेहतर रहेगा.


काम की बात

यदि आप ज्यादा बुक्स खरिदना नहीं चाहते है तो लाइब्रेरी की  सदस्यता लें. और यहाँ से विषयों के अनुसार बुक्स लेकर पढ़े.



 शांत और एकाग्र मन से पढ़े – Study with Silence and Focus Mind


क्लास में पढ़ते वक्त पूरा ध्यान अध्यापक की बात पर रहना चाहिए. वे क्या कह रहे है. उनकी हर एक बात को कान लगाकर सुनना चाहिए. और कुछ समझ ना आए तो पूछने के लिए बारी का इंतजार करके पूछ लेना चाहिए.


यदि कोई शंका इस वक्त क्लियर नहीं हुई तो वह हमेशा बरकरार रहेगी. इसलिए, जहाँ भी दिक्कत आए शालिनता से पूछ लेना ही उपाय है. इस मामले में जरा भी कोताही ना बरतें.


क्लास लेते वक्त निम्न बातों का जरूर ध्यान रखेंगे तो आपका मन शांत एवं केंद्रित रहेगा:-


पूरा ध्यान ब्लैक-बोर्ड पर होना चाहिए

यदि लेक्चरर चल रहा है तो ध्यान से सुनना चाहिए

इधर-उधर की बातें बिल्कुल ना करें

साथियों के साथ हसी-मजाक तथा बचकानी हरकत ना करें

ना ही इनके साथ कोई छेड़छाड़ करें

नीचे बैठे है तो आलती-पालथी लगाकर बैठें और यदि मेज-कुर्सी की व्यवस्था है. तब कमर सीधी रखें और हाथ सामने मेज पर रखेत हुए शरीर हल्का सा आगे की तरफ झुकाते हुए बैठें

कक्षा के बीच में पानी-पेशाब जाने से बचें

पूरा ध्यान सिर्फ टॉपिक को समझनें में लगाए



 मुख्य बिंदुओं को हाईलाइट करने की आदत बनाएं – Highlight Main Points


Highlight Main Points

इस काम को आलस के चक्कर में स्टुडेंट्स द्वारा अक्सर नजर अंदाज कर दिया जाता है.



लेकिन, नोट्स बनाने के लिए और परीक्षा की अच्छी तैयारी करनें में हाईलाइट करने की आदत का मुख्य काम होता है.


 

यदि आप हाथों-हाथ महत्वपूर्ण बिंदुओं को हाईलाइट करते रहते है. तो आपको रिवीजन करते समय सारा कंटेट या कहें की पूरी किताब पढ़ने की कोई जरूरत नहीं रहती है. आप सिर्फ इन हाईलाइट्स से पाठ का सारांश समझकर नोट्स बना सकते है.


हाईलाइट या अंडरलाइन कैसे करें?


इसके लिए आप नीचे दिए निम्न बिंदुओं को ध्यान रखें:-


पढ़ते वक्त या किताब की रीडिंग करते समय हमेशा हाथ में हाईलाइटर रखें

आप चाहे तो पेंसिल या पेन भी लें सकते हैं, मगर ज्यादा बेहतर हाईलाइटर रहेगा

अब जो भी पॉइंट आपको लगता है कि यह मुख्य है तो उसके नीचे पेंसिल से लाइन खींच दें

या फिर हाईलाइटर को उस वाक्यांश पर फेर दें

इस काम के लिए आप श्रेणीवार अलग-अलग रंगों का हाईलाइटर इस्तेमाल करें तो ज्यादा बेहतर है

तारीख एवं सन – लाल हाईलाइटर

मुख्य शब्द एवं नाम – नीला हाईलाइटर

पूरा वाक्यांश – हरा हाईलाइटर

इस तरह हाईलाइट करने पर नोट्स बनाते समय पाठ को श्रेणीवार बांटते हुए नोट्स तैयार करने में आसानी रहती है.



हाथों-हाथ नोट्स बनाते रहें – Make Notes


जब आप कक्षा छोड़कर वापस घर आएं तो कुछ देर आराम करने के बाद सबसे पहला काम नोट्स बनाने का ही करें. ऐसा करने से दो फायदें होंगे.


एक, आपने जो भी आज पढ़ा है उसका रिवीजन हो जाएगा. आपको पता भी नहीं चलेगा. और आपका समय भी बच जाएगा.


दूसरा, आपको परीक्षा के वक्त नोट्स नहीं बनाने पड़ेगे. यानि परीक्षा के समय आपका पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा रहेगा.


अब सवाल यह है कि नोट्स कैसे बनाते हैं?


यदि आपको अच्छे नोट्स बनाने का तरीका नहीं आता है. तो आप नीचे बताई गई बातों को ध्यान में रखकर नोट्स बनाएं.


मुख्य और खास जानकारियों को बिंदुओं में लिखें और अलग-अलग प्रकार की जानकारी के लिए अलग रंग का प्रयोग करेंगे तो नोट्स ज्यादा कलरफुल बनेंगे. जिन्हे बाद में समझने में आसानी रहेगी और पढ़ने में भी मन लगेगा.

पाठ में मौजूद तथ्यों और जानकारियों को श्रेणीयों में बांट लें. जैसे; तारीख एवं समय, महत्वपूर्ण घटनाएं आदि.

फ्लैश कार्ड्स भी बनाएं जा सकते है. फ्लैश कार्ड कैसे बनाते हैं? इसके बारे में आगे बताया गया है.

कम्प्युटर या लैपटॉप की जगह कॉपी पर खुद लिखकर नोट्स बनाएं. यदि आप दोस्तों के बनाए नोट्स प्रिंट करवाने की सोच रहे है तो इस विचार को तुरंत छोड़ दें.

हाथ से लिखकर बनाए गए नोट्स ज्यादा सुंदर और आकर्षक बनते है. और वे समझ भी जल्दी आते है.

कुछ नोट्स कॉपी के बजाए चार्ट्स पर बनाएं तो ज्यादा लाभ मिलेगा.

इसलिए जरूरी डायग्राम, समीकरण, फॉर्मूले, परिभाषाएं आदि को चार्ट्स पर बनाए और इन्हे स्टडी टेबल के पास चिपका दें. हमेशा आंखों के सामने रहने पर इन पर नजर पड़ती रहेगी. और बिना याद करें ही याद होते रहेंगे. रिवीजन भी नहीं करना पड़ेगा.

पाठानुसार और विषयानुसार श्रेणी बांटकर नोट्स तैयार करें. एक ही जगह पर सभी विषयों को मिलाकर रायता ना फैंलाएं.


विषय अध्यापक के संपर्क में रहें – In Touch with Subject Teacher


यह बात आपको अजीब लग सकती है कि विषय अध्यापक के अलावा पढ़ाता कौन है? उससे तो रोजाना मिलना होता है. फिर उनसे संपर्क बनाने की अलग से क्या जरूरत है?


आप सही कह रहे है. बिना अध्यापक के पढ़ाई ही नहीं होती है. उनसे तो रोजाना ही संपर्क रहेगा ही रहेगा.


 

हमारे कहने का मतलब यह है कि सिर्फ क्लास तक सीमित ना रहें. उनसे कक्षा के बाहर भी मिलते रहे. और उनकी इज्जत करें.


इससे अध्यापक का ध्यान पढ़ाते वक्त आपकी तरफ जरूर जाता है. और अध्यापक के दिमाग में आपका रहने का मतलब है. अब अध्यापक सवाल आपसे ही पूछना शुरु करेगा. या किसी भी चर्चा की शुरुआत आपसे करेगा.


इसका फायदा यह होगा कि आप खुद पर ध्यान देंगे. और ज्यादा केंद्रित होकर पढ़ेग. ताकि आप बेइज्जती से बचने के लिए सवालों का जवाब दे पाएं. जिसका सीधा फायदा एग्जाम में मिलेगा.


 अध्यापकों से नियमित चर्चा करते रहें – Regular Discuss with Teachers


किसी भी टॉपिक पर चर्चा करने से उसका दायरा बढ़ जाता है. और हमारी सीमित सोच अपने संकुचित दायरे को तोड़कर उससे बाहर निकल जाती है.


इसलिए, नियमित अपने अध्यापकों के साथ किसी भी टॉपिक पर खुली चर्चा करने से परहेज ना करें. लेकिन, चर्चा पाठयक्रम में शामिल टॉपिक पर ही करें. फालतु बकवास और राजनेता या फिल्मों का रिव्यु करने ना बैठ जाएं.


जब आप इस तरह की  करेंगे तो आपके साथ अन्य स्टुडेंट्स भी शामिल होंगे. वे भी अपने विचार उस टॉपिक पर रखेंगे तो आपको उनकी तैयारी और नॉलेज का अंदाजा भी लग जाता है. इस तरह आप अपने साथियों की तैयारी का जायजा भी ले लेंगे (क्यों है ना मजे की बात). 😀  



नियमित अंतराल में टेस्ट देते रहें – Test Regularly


स्टुडेंट्स सिर्फ परीक्षाओं के वक्त ही टेस्ट देने के बारे में सोचते है. एग्जाम से पहले मॉडल पेपर हल करना और मॉक टेस्ट देना उन्हे समय की बर्बादी लगती है.


लेकिन, एग्जाम में सफल होने वाले स्टुडेंट्स हमेशा अपनी सफलता में मॉक टेस्ट का जिक्र जरुर करते है.


इसलिए आप भी रेगुलर साप्ताहिक, मासिक मॉक टेस्ट देते रहें. ऐसा करने से आपको कई फायदें होते है. मसलन,


एग्जाम आने से पहले परीक्षा का रिहर्सल हो जाएगा

प्रश्न-पत्र हल करने का अनुभव मिलेगा

समय प्रबंधन करने का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा. जिससे आपको परीक्षा में बैठने पर प्रश्नों के हिसाब से प्रश्नानुसार समय देने का अंदाजा मिल जाएगा

परीक्षा हॉल में होने वाली बेचैनी का पता चल जाएगा

परीक्षा देते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. इस बारे में जानकारी मिलेगी. वैसे हमने इस बारे में अलग से नीचे जानकारी दी है.

परीक्षा में किस तरह से प्रश्न पूछे जाते है. इस बात का ज्ञान हो जाता है. जिससे आप पाठानुसार पूछे जाने वाले प्रश्नों की तैयारी उसी हिसाब से कर सकते है.


 दूसरों को सिखाएं – Teach Others


एक पूरानी कहावत है कि,


“ज्ञान बांटने से बढ़ता है और समटने से कम होता हैं.”


हम इस बात को शत-प्रतिशत सही मानते है. और आपको भी इसे आजमाने की सलाह देंगे.


जब हम किसी विषय को खुद सीख रहे होते है. और उस विषय के बारे में दूसरों को जानकारी देते है. तब वह विषय ज्यादा समय तक हमारे दिमाग में रहता है. और लंबे समय तक एवं साफ-साफ याद भी रहता है.


साथ में टॉपिक के बारे में हमारी सोच भी बढ़ती है. क्योंकि दूसरों को सिखाने पर उनकी शंका समाधान भी करना पड़ता है. इस दौरान कुछ नए सवाल भी सामने आते है. जिनके बारे में हमने पहले कभी नहीं सुना होता है. जिनका जवाब ढूँढ़ना हमारी मजबूरी बन जाती है.


लेकिन, इस जवाब खोजबीन के दौरान हमारा मस्तिष्क पहले से ज्यादा केंद्रित रहकर काम करता है. इसलिए जो कुछ हम पढ़ते है वह तुरंत याद होता रहता है. और कुछ नया ज्ञान भी सीखने को मिलता है.


100% सफलता पाने के लिए परीक्षा एग्जाम की तैयारी कैसे करें?


“सिर्फ मृत मछली पानी के बहाव के साथ चलती है. जिस मछली में जान होती है वह तो लहरों से संघर्ष करती हुई अपने रास्ते खुद बनाती है.”


यदि आप इस बात का ध्यान रखेंगे तो दुनिया की कोई ताकत आपको एग्जाम में सफल होने से नहीं रोकने वाली है.


 

क्योंकि जो इंसान संघर्ष करता है, अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहता है और उसके लिए नियमित मेहनत करता है. वह जरूर सफलता प्राप्त करता है.


बॉलीवुड मूवि “ओम शांति ओम” में शाहरुक खान का एक मशहूर डायलॉग है. जिसमें वह कहता है,


“यदि किसी चीज को आप दिल से चाहों तो फिर पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने में जुट जाती है.”


अब ज्ञान की बातें तो बहुत हो गई है. और आपको प्रेरणा यानि मोटिवेशन भी मिल गया है. आइए, अब असल काम करते है. और जानते है टॉप करने के लिए परीक्षा यानि एग्जाम की तैयारी कैसे करनी है? ताकि अच्छे नंबरों से पास होकर खुद का, परिवार का तथा स्कूल/कॉलेज का नाम रोशन किया जा सके.


Exam Preparations Tips in Hindi


परीक्षा पूर्व तैयारी करें

सिलेबस लें और समझे

स्टडी प्लान करें और टाइम टेबल बनाएं

अनुशासित रहें

नोट्स बनाएं

पर्याप्त रिवीजन करें

मॉडल पेपर तथा ओल्ड पेपर सॉल्व करें

पोष्टिक आहार लें

व्यायाम और योग करें

नियमित ब्रेक लें

ब्रेक को स्मार्ट तरीके से यूज करें

सोशल मीडिया को ना कहें

तनाव ना लें

विश्वास बनाएं रखें

सकारात्मक रहें



परीक्षा पूर्व तैयारी करें – Start Preparation before Exams


यह बात आपको अजीब लग सकती है. मगर, शत प्रतिशत सत्य है. जो स्टुडेंट्स सत्र के शुरुआत से ही पढ़ाई करते है. उनका परिणाम अन्य स्टुडेंट्स की तुलना में ज्यादा बेहतर होता है.


इसलिए, आपको परीक्षा के ऐन पहले तैयारी शुरु नहीं करनी है. बल्कि, स्कूल शुरु होने के साथ ही अपनी तैयारी करते रहना है.


यदि आप कम समय में परीक्षा की तैयारी करना चाहते है. तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी. क्योंकि मन मुताबिक परिणाम मिलने से वंचित रह जाएंगे.


सकारात्मक परिणाम की चाह है तो सत्र के शुरुआत से ही एग्जाम मानकर अपनी तैयारी में जुट जाएं. इसके बारे में हमने विस्तार से ऊपर बता दिया है. ज्यादा जानकारी के लिए एक बार स्टडी टिप्स का अध्ययन कर लें.


सिलेबस लें और समझें – Download Syllabus and Read It


एग्जाम में मन मुताबिक नंबर नही आने की एक वजह सिलेबस को नजर अंदाज करना है.


मेरिट में आने वाले स्टुडेंट्स ने बताया है कि वे अपनी तैयारी शुरू करने से पहले सिलेबस को अच्छी तरफ पढ़ते है. और उसे समझने के बाद स्टडी प्लान बनाते है.


आप भी पहला काम यहीं करें. जिस भी एग्जाम की बढ़िया तैयारी करना चाहते है. सबसे पहले उस एग्जाम का सिलेबस प्राप्त करें. और उसे कम से कम तीन बार पढ़े. ऐसा करने से सिलेबस आपको कठंस्थ हो जाएगा.


काम की बात

सिलेबस प्राप्त करने के लिए आप संबंधित बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड करें. या फिर विषय-अध्यापक से भी बात कर सकते हैं.

सिलेबस पढ़ने से आपको तीन फायदें होते है.


विषय वस्तु को समझने में मदद मिलती है.

पाठानुसार अंक विभाजन मालूम हो जाता है.

जिसके कारण किस पाठ को कितना समय देना है? इसकी पूरी जानकारी हो जाती है. इसलिए आपका कीमती समय केवल ज्यादा अंक वाले अध्यायों की तैयारी में लगेगा.


स्टडी प्लान करें और टाइम टेबल बनाएं – Plan Your Study and Make Time Table


पाठयक्रम ज्यादा लंबा है. पूरा कवर नहीं हो पाता है.


अक्सर ये आम शिकायत स्टुडेंट्स करते है. लेकिन, इनमें वे ही स्टुडेंट्स मिलेंगे जो खुद मेहनत से बचना चाहते है. और अधिकतर समय फेसबुक चैक करने, लोंडिया बाजी एवं बकवास करने में बिताते है.


सफल होने वाले स्टुडेंट्स की तरफ से कभी भी ऐसी कोई शिकायत नहीं मिलती है. क्योंकि पाठयक्रम उनके लिए लंबा नहीं होता है. वे उसे टाइम पर कवर कर लेते है.


 

मगर, आप तो इस कैटेगरी में नहीं आते है. फिर भी आप सालभर में पूरा सिलेबस कवर नहीं कर पाते है. कुछ ना कुछ छूट ही जाता है. और वही एग्जाम में भी आ जाता है. बैड लक. 🙁


यानि एक तो कड़ा ऊपर से नीम चढ़ा वाली बात आपके साथ हो जाती है.


तो आप इसका समाधान चाहते है. आप जानना चाहते है कि पाठयक्रम को पूरा कवर करने का राज क्या है? कैसे आप पूरे सिलेबस को पढ़ सकते है?


इसका जवाब है – स्टडी प्लान.


अब सोच रहे होंगे कि स्टडी प्लान कैसे करते हैं और बढ़िया टाइम टेबल कैसे बनाते है जिसे फॉलो किया जा सके?


तो इसका सिंपल सा जवाब है आप टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई कीजिए. आप सालभर में कई बार कोर्स को पढ़ लेंगे और रिवीजन करने के लिए पर्याप्त समय निकाल पाएंगे.


नीचे एक सेंपल टाइम टेबल दिया जा रहा है. जिसे आप अपने अनुसार बदल भी सकते है. इसे बनाते समय माना गया है कि परीक्षा के समय 8 घंटे रोजाना पढ़ना पर्याप्त है. इसी के अनुसार पूरे दिन यानि 24 घंटे का स्टडी प्लान बनाया गया है.


Exam Time Table 


 अनुशासित रहें – Be Disciplined


आपने बढ़िया स्टडी प्लान बना लिया है और टाइम टेबल बनकर तैयार है.


अब कल से इसके अनुसार पढ़ना शुरु करेंगे. केवल आज ओर पढ़ाई नहीं करते है.


फिर कल आ जाता है. यहीं वायदा आप फिर दोहरा देते है. इस तरह कई दिन बीत जाते है. लेकिन, आपका कल नहीं आता है.


कल कभी नहीं आता है. उसे लाया जाता है. कल को बनाना पड़ता है. 


और कल को लाने का केवल ही एक तरीका है. वो है टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई करें. इसके अलावा आप कभी भी कल नहीं ला सकेंगे.


आपको सोमवार को साईंस 4 घंटे पढ़नी है तो पढ़नी है. चाहे कुछ भी हो जाए. एक दिन भी नियम नहीं तोड़ना है. आपने स्टडी प्लान में ढील दी तो सब गड़बड़ हो जाएगा.


इसलिए फौजी सा सख्त अनुशासन बनाए रखें और चींटी की तरह दिनचर्या का पालन करें.   


Be Disciplined


नोट्स बनाएं – Make Notes


बढ़िया नोट्स कैसे बनाते हैं? इस बारे में ऊपर विस्तार से समझाया जा चुका है. चुंकि यह सेक्शन परीक्षा नजदीक आने के वक्त की तैयारी को ध्यान में रखते हुए लिखा गया है. इसलिए यहाँ भी सटीक और मजेदार नोट्स बनाने के बारे में जरूर बताएंगे.


इस डिजिटल जमाने में स्टुडेंट्स लैपटॉप पर या फिर स्मार्टफोन पर ही डिजिटल नोट्स बनाना पसंद करते है. या फिर दोस्तों के नोट्स फोटोकॉपी करवाकर काम चला लेते है.


यह तरीका छोटे समय और उतीर्ण होने के लिए पर्याप्त साबित हो जाए. मगर, विषय पर पकड़ और लंबे समय तक याद रखने में कोई काम का नहीं है. इसलिए, नोट्स बनाने का इस शॉर्टकट्स तरीका से बचना ही समझदारी है.


आप परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने और मेरिट में टॉप करना चाहते है तो कॉपी पर खुद के हाथ से लिखकर ही नोट्स तैयार करें. हैण्डरिटन नोट्स ज्यादा सटीक, साफ-सुथरे तथा लंबे समय तक याद रहते है. 


स्टडी मटेरियल के बारे में दिमाग में सबकुछ साफ होना चाहिए. कि क्या नोट्स में लिखना है और क्या छोड़ना है.

विषयानुसार तथा पाठानुसार टॉपिक छांट लें और फिर बुलेट पॉइंट्स बनाकर मुख्य बातें तथा तथ्यों को लिखें.

पाठ में मौजूद जानकारी को श्रेणीयों में बांटकर अलग-अलग रंगों से लिखेंगे तो ओर भी बेहतर तथा कलरफुल नोट्स तैयार करने में कामयाब होंगे.

इतिहास और सामान्य ज्ञान विषयों के लिए शॉर्टट्रिक्स बनाई जा सकती है. जैसे; भारत में युरोपीय कंपनियों के नाम (पुर्तगाली, अंग्रेज, डच, डैनिस, फ्रांससी एवं स्वीडिश) याद रखने के लिए “पुत्र अड़ा डैड फसा” जीके ट्रिक को आजमा सकते है.

डायग्राम बनाकर संबंधित चित्र को बनाकर नोट्स तैयार करने का तरीका नया और दमदार है. जैसे; हिमालय पर्वत या पर्वत श्रेणी के लिए पहाड़ का चित्र बनाएं.


पर्याप्त रिवीजन करें – Revision, Revision and Revision…


आप साल भर से पढ़ाई कर रहे है. परीक्षा में कम समय रह गया है. और आपका तनाव बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में क्या किया जाए?


इस तनाव से बचने का तरीका है रिवीजन.


जी हाँ. जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आती जाए वैसे-वैसे ही आप भी रिवीजन करते जाए. एक रिवीजन पूरा हुआ, तुरंत दूसरा रिवीजन करने लग जाए.


रिवीजन करने से चीजें कंठस्थ होती जाती है और लंबे समय तक याद रहती है. इसलिए आप परीक्षा के समय में केवल रिवीजन करें. नया पढ़ने का जोखिम बिल्कुल भी ना लें.


रिवीजन करने के लिए आप फ्लैश कार्ड्स ट्रिक्स आजमा सकते है. जो परीक्षा के समय काफी उपयोगी साबित होगी.  


फ्लैश कार्ड्स को कार्ड शीट के 2-3 इंच के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर बनाया जाता है.


इन्हे आप सुविधानुसार कई प्रकार से बना सकते है.


कलर कार्ड – अलग-अलग विषयानुसार भिन्न कलर में कार्ड्स बनाकर तैयार किए जाते है. जैसे; अंग्रेजी विषय को लाल रंग तो हिंदी को हरे रंग के कार्ड्स में लिख सकते है. ऐसा करने पर विषयानुसार कार्ड्स की छंटाई आसान हो जाती है.

ट्रिक कार्ड – यह कार्ड गागर में सागर भरने के समान कार्य करते है. आप कार्ड के आगे भारत लिखकर इसके पीछे भारत से संबंधित तथ्यों तथा मुख्य जानकारी लिखते है. जब आप इस ट्रिक कार्ड को उठाऐंगे तो भारत को पढ़ते ही इससे संबंधित अन्य बातें फटाक से याद आ जाएंगी.

चैप्टर कार्ड – इस कार्ड को ज्यादा जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया जाता है. आप कार्ड के टॉप में चैप्टर का नाम एवं नंबर लिखकर नीचे अन्य महत्वपूर्ण जानकारी छोटे अक्षरों में लिखते है.



 मॉडल पेपर तथा ओल्ड पेपर सॉल्व करें – Solve Model Papers


परीक्षा के समय अधिक से अधिक मॉडल पेपर सॉल्व करें तथा जितने हो सके उतने मॉक टेस्ट दें.


इससे अन्य फायदों के अलावा दो मुख्य फायदें होते है.


एक तो आपको परीक्षाओं से पहले ही खुद की तैयारी का विश्लेषण करने का मौका मिल जाता है. यदि कुछ कमी है तो उसे समय रहते दुरुस्थ किया जा सकता है.

दूसरा, आपको असल परीक्षा का रिहर्सल हो जाता है. फिर आप परीक्षा देते समय बेचैन नहीं होते है. और समय का अंदाजा मिल जाता है.

इसलिए मॉक टेस्ट, मॉडल पेपर तथा टेस्ट सीरिज वगैरह को सॉल्व करने की आदत बना लें.



 पोष्टिक आहार लें – Take Healthy Food


Green Vegetables and Fruits

परीक्षा के समय स्टुडेंट्स खाना-पीना भी छोड़ देते है. बस पढ़ाई, पढाई और पढ़ाई करते रहते है. इसके अलावा कुछ नहीं सूझता है.


हाँ, मानते है कि आपकों परीक्षा की चिंता है. लेकिन पढ़ने के लिए शरीर को ऊर्जा तो चाहिए. और ये ऊर्जा खाने से मिलती है.


इसलिए, दिन भर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कम से कम पांच से छह बार कुछ ना कुछ खाते रहें. इससे आप थकान महसूस नहीं करेंगे. और शरीर को पर्याप्त विटामिन, लवण तथा कार्बोहाईड्रेट्स जैसे जरूरी तत्वों की पूर्ती होती रहेगी.


घर का पका हुआ खाना की होड़ सात सितारा होटल भी नहीं कर सकता है. इसलिए, परीक्षा के दिन में सिर्फ ओर सिर्फ घर का खाना खाएं.

फास्ट फ़ूड तथा तली हुए चीजों को ना कहें.

दूध, अण्डे तथा सूखे मेवे जरूर लें. इनसे आपको विटामिन्स तथा प्रोटीन्स मिलेगा.

हरी सब्जियाँ तथा अंकुरित अनाज लें. इनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है.

खाने में मौसमी फल जरुर शामिल करें

पानी की मात्रा कम से कम 2 से 3 लीटर तो पीनी है. इससे कम समझौता ना करें.


 व्यायाम और योग करें – Do Exercise and Yoga


पहला सुख निरोगी काया. इसलिए शरीर को स्वस्थ रखना हमारी खुद की जिम्मेदारी और पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.


इसके लिए आप सुबह-सुबह जल्दी उठकर पैदल चल सकते है. इससे बढ़िया व्यायाम कोई नहीं है. यदि आप जिम जाते है तो उसे नियमित रखें.


इसके अलावा आप मन की शांति के लिए दस से पंद्रह मिनट ध्यान कर सकते है. साथ में योग का सहारा भी लें सकते है.


ध्यान करने से मन शांत रहता है और एकाग्रता में वृद्धि होती है. जिससे याददाश्त में बढ़ोतरी होती है और लंबे समय तक याद रहता है.


नियमित ब्रेक लें – Take Regular Breaks


वैज्ञानिक अध्ययनों से साबित हो चुका है कि औसत इंसानी दिमाग केवल एक से डेढ़ घंटे एकाग्र रह सकता है. यानि  किसी चीज पर ध्यान दें सकता है. इसके बाद वह ताजगी चाहता है.


इसलिए आप इस नियम का पालन करते हुए. नियमित ब्रेक लें. ताकि मस्तिष्क बिना थके और ऊबे बिना पढ़ाई करने के लिए तैयार रहे.


ब्रेक कैसे लें?


इसे हम एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते है.


आप एक बार में 60 मिनट पढ़ाई कर रहे है. तो इन 60 मिनट में से केवल आप 45 मिनट ही पढ़ाई करें. बाकि 15 मिनट ब्रेक लें और बाहर टहलने निकल जाए.


इसके बाद फिर दुबारा यही क्रम दोहराए और दिनचर्या बनाए रखें. इससे आप पढ़ाई भी कर पाएंगे और ऊबेंगे भी नहीं. दिमाग की ताजगी बरकरार रहेगी.


 ब्रेक को स्मार्ट तरीके से यूज करें – Use Breaks Smartly


ब्रेक्स तो ब्रेक्स है. यह खाली समय है. इसे तो मजे से इस्तेमाल करना चाहिए और इस दौरान फेसबुक स्टोरी तथा वाट्सएप स्टेटस अपडेट कर लेना चाहिए.


नहीं. आपको इनमें से एक भी काम नहीं करना है. बल्कि किसी भी प्रकार की स्क्रीन की तरफ नहीं देखना है. लैपटॉप और स्मार्टफोन दोनों से कोसो दूर रहना है.


दोस्तों से फोन पर बतियाने या फिर सोशल मीडिया पर ब्रेक का इस्तेमाल करने के बजाये उसे निम्न उत्पादक कार्यों में लगाए.


सबसे पहले तो कुछ खा लिया जाएं. इसलिए आप एक या दो मौसमी फल लें सकते है.

थोडा सा बाहर टहल लें या फिर स्ट्रेचिंग कर सकते है.

बच्चों के साथ खेल सकते है. इससे सारा तनाव पल में गायब हो जाएगा.

या फिर अपना पसंदीदा गेम भी प्ले कर सकते है. हम वीडियो गेम की बात नहीं कर रहे है.

जो पढ़ा है उसे मन में दोहरा सकते है.

यदि किसी को सिखाने का मौका मिले तो चौका लगाने से पीछे ना हटे.


सोशल मीडिया को ना कहें – Say No to Social Media


Avoid Social Media

यदि आप परीक्षा के प्रति गंभीर है और शानदार प्रदर्शन करने का मन है तो सबसे पहले स्मार्टफोन से सोशल मीडिया एप्स को अनइंस्टॉल कर दें.


एक बार तो यह काम बहुत मुश्किल लगेगा. लेकिन, मन मारकर इस जरूरी काम को परीक्षाओं से कम से कम तीन महिने पहले निपटा लें.


एग्जाम टाइम में सोशल मीडिया वृत का पालन करेंगे तो परीक्षा में सफल होने का रास्ता ओर साफ हो जाएगा.


सोशल मीडिया आपका मन पढ़ाई में लगने से रोकेगा. और नोटिफिकेशन की आवाज आपको स्मार्टफोन उठाने के लिए मजबूर करेगी. इसलिए बेहतर यहीं है कि इससे समय रहते छुटकारा पा लिया जाएं.


तनाव ना लें – Be Tension Free


परीक्षाओं में मन मुताबिक प्रदर्शन ना कर पाने का एक कारण तनाव भी है यानि चिंता.


अक्सर देखा गया है कि परीक्षा के समय स्टुडेंट्स चिंतित हो जाते है. उनके दिमाग में सिर्फ परीक्षा का भूत सवार रहता है. इस चिंता ही चिंता में पढ़ाई में भी उनका मन नहीं लगता.


इसलिए, परीक्षा का परिणाम क्या होगा, आप पास होंगे या नहीं. टॉप होगा या नहीं, मेरिट में नंबर आएगा या नहीं? इस तरह के गैर जरुरी सवालों के बारे में ना सोचे.


आपके हाथ में सिर्फ तैयारी करना है, मेहनत कर सकते है. इसलिए सिर्फ मन लगाकर पढ़ाई करें. और खुले दिमाग से परीक्षा की तैयारी करें.


विश्वास बनाएं रखें – Be Confident


आपने ये पंक्तियां जरूर सुनी होगी.


“मन के हारे हार है, मन के जीते जीत.”


यदि आपने इन पंक्तियों का अर्थ समझ लिया तो आपको फिर पीछे मुड़ने की जरूरत नहीं रहेगी. क्योंकि आपका मन ही जो ठान लेता है उसे पूरा कर सकता है.


इसलिए खुद पर विश्वास बनाए रखें. परिस्थियाँ कैसी भी आएं. आपको झुकना नहीं है. सिर्फ अपनी मेहनत और अपने ऊपर पूरा विश्वास बनाएं रखना है कि,


“हाँ मैं कर सकता हूँ.”




Be Positive

आपको भी हमेशा सकारात्मक रहना है और छोटी-छोटी बातों से खुद की तैयारी को किसी से कम नही आंकना है.


यदि एकाध मॉडल पेपर में गड़बड़ हो गई है. या फिर मॉक टेस्ट में मन मुताबिक परिणाम नहीं मिला है तो चिंता करने की कोई बात नहीं है. आप शांत रहे और मनन करें कि कहाँ कमी रह गई है.


कमी को पकड़कर उस टॉपिक पर ध्यान दें और जो समझ ना आए उसे एक बार दोहरा लें. बस हो गया.


इसलिए कभी भी ये ना सोचे कि मैं तो पास नहीं हो सकता हूँ, मैं तो होशियार नहीं हूँ, ये तो मुझसे ज्यादा होशियार है पढ़ाई में तेज है. इस तरह के नकारात्मक विचार भूलकर भी दिमाग में ना लाएं.


“बड़ी मंजिलों के मुसाफिर छोटा दिल नही रखतें.”


परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले की खास तैयारी – Before Going to Exam Center


परीक्षा केंद्र अक्सर हमारे स्कूल या शहर से दूर ही होता है. इसलिए कुछ स्टुडेंट्स दूसरी जगह परीक्षा देने से घबराते है और डरे-डरे से रहते है.


इस डर और तनाव के कारण जो याद किया रहता है. वह सबकुछ भी साफ होता रहता है. और एग्जाम बिगड़ जाता है.


इसलिए इस बात का ध्यान रखते हुए. नीचे परीक्षा केंद्र पर ध्यान रखने योग्य मुख्य बातों का जिक्र किया गया है.


परीक्षा से एक सप्ताह पहले ही परीक्षा केंद्र का पता कर लें

इसके बाद परिवहन व्यवस्था क्या होगी? इसकी छानबीन करने से परहेज ना करें और स्कूल/कॉलेज से जरूर चर्चा करें.

परीक्षा के लिए जाते समय जरूरी सामान ले जाना ना भूलें. जैसे;    

कम से कम तीन पेन लें जाएं 


पेंसिल, कटर और रबर जरूर लें

फूटा एवं अन्य गणितिय सामग्री साथ लें जाएं

आई डी एवं एडमिट कार्ड को पहले ही जेब में रख लें. ताकि घर से निकलते वक्त भूल ना हों.

पेंट एवं कमीज की जेब को दो बार हाथ देकर देंखे कहीं कोई कागज या पर्ची तो नहीं रह गई है. अक्सर नोट्स जेब में रखे रह जाते है.

परीक्षा शुरु होने से कम से कम आधा घण्टे पहले एग्जाम सेंटर पहुँचने की कोशिश करें.

परीक्षा केंद्र पर बनाएं गए नियमों का पालन करें और अनुशासन बनाने में सहायता करें. नियम ना तोड़े. ये आपकी भलाई के लिए ही बनाएं गए है.

बिंदास रहें और टेंशन को बाहर ही छोड़ दें.


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